T20 World Cup Final 2021 एक नया चैंपियन दे गया। ऑस्ट्रेलिया ने 14 साल का वनवास खत्म किया। वह इतिहास में पहली बार टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन बना। खिताबी मुकाबले में जीत के हीरो बने मिचेल मार्श और डेविड वार्नर। वार्नर ने टीम को बेहतरीन शुरुआत दी। तो मार्श ने मैक्सवेल के साथ मिलकर विनिंग फिनिश दी। ऑस्ट्रेलिया ने टी-20 फॉर्मेट में खिताब का सूखा खत्म किया। वनडे में ऑस्ट्रेलिया के खाते में 5 वर्ल्ड कप ट्रॉफी हैं। अब कंगारू टी-20 फॉर्मेट में भी चैंपियन हैं।
न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी कर पड़ोसी टीम के आगे 173 रन की चुनौती रखी। ऑस्ट्रेलिया ने 7 गेंदें शेष रहते उसे हासिल किया। मार्श 77 रन और मैक्सवेल 28 रन बनाकर नाबाद रहे। दोनों बल्लेबाजों ने नाबाद 66 रन की साझेदारी की। मार्श ने अपनी 50 गेंदों की पारी में 6 चौके और 4 छक्के लगाए। डेविड वार्नर ने 53 रन की पारी खेली। न्यूजीलैंड के लिए ट्रेंट बाउल्ट ने 2 विकेट झटके।
बाउल्ट ने डेविड वार्नर और आरोन फिंच को आउट किया। वार्नर 53 रन बनाकर क्लीन बोल्ड हुए। उन्होंने अपनी 38 गेंदों की पारी में 4 चौके और 3 छक्के लगाए। उन्होंने मार्श के साथ दूसरे विकेट के लिए 92 रन जोड़े। कप्तान आरोन फिंच ने 5 रन बनाए।
इससे पहले न्यूजीलैंड ने 4 विकेट के नुकसान पर 172 रन बनाए। जेम्स नीशम 13 रन और टिम सीफर्ट 8 रन बनाकर नाबाद रहे। केन विलियमसन ने बेहतरीन 85 रन की पारी खेली। गप्टिल ने 28 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के लिए हेजलवुड ने 16 रन देकर 3 बल्लेबाजों को आउट किया। एडम जैम्पा को 1 विकेट मिला।
केन की कप्तानी पारी
10 ओवरों की समाप्ति तक न्यूजीलैंड ने कुल 57 रन बनाए थे। ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया को 140-145 रन का आसान टारगेट मिलेगा। लेकिन केन विलियमसन ने कप्तानी पारी खेली। उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप फाइनल का सबसे बड़ा पर्सनल स्कोर बनाया। उन्होंने 48 गेंदों में 85 रन बनाए। इस पारी में 10 चौके और 3 छक्के शुमार रहे। विलियमसन ने पचासा भी छक्के के साथ पूरा किया था। उन्होंने 50 का आंकड़ा पार करने में 32 गेंदें खेलीं। लेकिन वे शतक से चूक गए। उन्हें हेजलवुड ने लेगकटर ब़ल पर आउट किया।
ऐसे गिरे कीवी विकेट
T20 World Cup Final में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान आरोन फिंच ने टॉस जीता। उन्होंने कीवी टीम को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। ऑस्ट्रेलिया ने प्लेयिंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया। वहीं कीवी टीम में डेवॉन कॉनवे की जगह टिम साइफर्ट खेले।
कीवी टीम को पहला झटका चौथे ओवर में लगा। सेमीफाइनल के हीरो रहे डैरिल मिचेल को जॉश हेजलवुड न आउट किया। मिचेल पॉइंट की तरफ खेलना चाह रहे थे, लेकिन विकेटकीपर वेड को आसान कैच दे बैठे। वे 11 रन बनाकर आउट हुए।
ऑस्ट्रेलिया को दूसरी सफलता एडम जैम्पा ने दिलाई है। उन्होंने मार्टिन गप्टिल को 12वें ओवर की पहली ही बॉल पर आउट किया। गप्टिल डीप मिडविकेट पर स्टॉयनिस द्वारा लपके गए। उन्होंने 28 रन बनाए। इसके बाद 19वें ओवर में हेजलवुड ने ग्लेन फिलिप्स को आउट किया। वे 18 रन बना कर पवैलियन लौटे। उसी ओवर में हेजलवुड ने विलियमसन का कीमती विकेट भी झटका।
| टी20 वर्ल्ड कप अवॉर्ड्स |
|---|
| प्लेयर ऑफ द मैच मिचेल मार्श, 77 रन नॉटआउट |
| प्लेयर ऑफ द सीरीज डेविड वार्नर, ऑस्ट्रेलिया 7 मैचों में 48.16 के एवरेज से 289 रन। फाइनल में 53 रन की शानदार पारी। |
T20 World Cup Final के रिकॉर्ड – केन विलियमसन
टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे बड़ा पर्सनल स्कोर। 85 रन। उनसे पहले वेस्ट इंडीज के मार्लन सैमुअल्स ने फाइनल में 85* रन की पारी खेली थी। उन्होंने कोलकाता में इंग्लैंड के खिलाफ 2016 के फाइनल में यह स्कोर बनाया था। विलियमसन ने उसकी बराबरी की। अफसोस, उस मैच में वेस्ट इंडीज को जीत मिली थी, जबकि इस बार कीवी टीम रनर अप बनी।

दूसरी बड़ी पार्टनरशिप
मिचेल मार्श और डेविड वार्नर ने दूसरे विकेट के लिए 92 रन जोड़े। T20 World Cup Final में यह दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। पहले नंबर पर कीस्वेटर और केविन पीटरसन का नाम है। इंग्लैंड की इस जोड़ी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2010 के वर्ल्ड कप में 111 रन की पार्टनरशिप की थी।
हेजलवुड ने की इरफान की बराबरी
जॉश हेजलवुड ने 16 रन देकर 3 विकेट झटके। टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में यह तीसरा बेस्ट बॉलिंग परफॉर्मेंस है। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ने इंडिया के इरफान पठान की बराबरी की। इरफान ने 2007 के वर्ल्ड कप फाइनल में 16 रन के खर्च पर 3 विकेट झटके थे।
नंबर 1 पर अजंथा मेंडिस का नाम है। श्रीलंकाई गेंदबाज ने 2012 टी-20 वर्ल्ड कप में 12 रन देकर 4 विकेट लिए थे। हालांकि, उसी मैच में वेस्ट इंडीज के सुनील नारायण ने 9 रन देकर 3 विकेट लेकर अपनी टीम को चैंपियन बनाया था। वे इस रिकॉर्ड लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं।
