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क्रिकेटर दानिश कनेरिया - मुस्लिम दिग्गजों पर भारी था ये पाकिस्तानी हिंदू
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मुस्लिम दिग्गजों पर भारी था ये पाकिस्तानी हिंदू

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पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ कैसा व्यवहार होता है? क्रिकेटर दानिश कनेरिया इसका लिविंग एग्जाम्पल हैं। इस पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इसमें उनका साथ दिया है पूर्व टीममेट शोएब अख्तर ने। आइए जानते हैं क्या है इनका दावा और कितनी है उसमें सच्चाई?

दिग्गज पाकिस्तानियों पर भारी थे कनेरिया

कराची में जन्मे दानिश प्रभा शंकर कनेरिया। वे पाकिस्तान के महज दूसरे हिंदू क्रिकेटर हैं। इनके क्रिकेट करियर का आगाज साल 2000 में हुआ। इंग्लैंड की टीम पाकिस्तान टूर पर थी। वह सीरीज का दूसरा टेस्ट था। फैसलाबाद के स्टेडियम पर कनेरिया ने दो विकेट झटके। विकेट कम थे, लेकिन प्रतिभा भरपूर।

महज दस साल के करियर में कनेरिया पाकिस्तान के लीडिंग स्पिनर बन गए। टेस्ट फॉर्मेट में उन्होंने सकलैन मुश्ताक, मुश्ताक अहमद और अब्दुल कादिर जैसे दिग्गजों को पछाड़ा। उन्होंने 61 मैचों में 34.79 के एवरेज से 261 विकेट झटके। 

टेस्ट में पाकिस्तान के लिए दानिश से ज्यादा विकेट सिर्फ वसीम अकरम (414), वकार यूनिस (373) और इमरान खान (362) ने लिए हैं। ये तीनों पेसर थे।

यहां PM इमरान से भी आगे रहे कनेरिया

कनेरिया ने लेगब्रेक बॉलिंग से अपनी अलग पहचान बनाई। चिरप्रतिद्वंद्वी भारत के खिलाफ उसी के मैदान पर सबसे ज्यादा विकेट दानिश के नाम रहे। उन्होंने कुल 6 मैचों में 31 विकेट झटके। इंडिया में विकेट लेने के मामले में वे पीएम इमरान खान, स्टार पेसर वसीम अकरम से भी आगे रहे।

इंडिया में सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले पाकिस्तानी

जब रोकी सचिन की सेंचुरी

30 नवंबर 2007 को दोनों पड़ोसी कोलकाता के मैदान पर टकराए। उस टेस्ट की पहली पारी में सचिन 82 के स्कोर पर थे, जब कनेरिया ने उन्हें क्लीन बोल्ड किया। उन्होंने सचिन को सेंचुरी बनाने से रोका था। यह एकमात्र मौका था जब उन्होंने क्रिकेट के भगवान को आउट किया।

कनेरिया ने पांच बार वेस्ट इंडीज के दिग्गज शिवनारायण चंद्रपॉल को आउट किया। इतनी ही बार उन्होंने राहुल द्रविड़ का विकेट लिया। साउथ अफ्रीका के मार्क बाउचर और श्रीलंका के महेला जयवर्धने इनके हाथों 5-5 बार आउट हुए। जैक कैलिस को चार और माइकल क्लार्क को 3 बार आउट किया।

क्या इंजमाम करते थे भेदभाव?

कनेरिया ने 9 कप्तानों के अंडर टेस्ट मैच खेले। इसमें से लगभग आधे मैच इंजमाम उल हक की कप्तानी में खेले। उन 29 मैचों में उन्होंने 35.62 के एवरेज से 120 विकेट लिए। ऐसे में उनका यह दावा कि इंजमाम प्रताड़ित करते थे, यह थोड़ा अटपटा लगता है।

हालांकि, बाकी 31 मैचों में उन्होंने 10 बार पारी में 5 विकेट झटके। उनके करियर का बेस्ट परफॉर्मेंस वकार यूनिस की कप्तानी में आया। मौका था बांग्लादेश के खिलाफ मुल्तान में टेस्ट। 29 अगस्त 2001 को हुए मैच में उन्होंने दोनों पारियों में 6-6 विकेट लिए थे।

पाकिस्तानी जर्नलिस्ट ने किए थे चौंकाने वाले खुलासे

साल 2007 में पाकिस्तानी जर्नलिस्ट हामिद मीर ने कुछ खुलासे किए थे। उनका कहना था कि कप्तान इंजमाम उल हक कोच बॉब वूल्मर की मौत के लिए जिम्मेदार थे। मीर का दावा था कि वूल्मर पूर्व कप्तान इमरान खान से इंजमाम की शिकायत कर चुके थे। उनके मुताबिक इंजी कोच की बात नहीं मानते थे। यही नहीं, इंजमाम शोएब अख्तर समेत कुछ खिलाड़ियों से चिढ़ते भी थे।

ऐसे हुआ कनेरिया से भेदभाव

दानिश साल 2012 में एसेक्स काउंटी के लिए खेले थे। तब उन पर आरोप लगा था कि वे साथी क्रिकेटर्स को मैच फिक्सिंग में शामिल होने के लिए कहते थे। इसके लिए इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें बैन किया था। 

बैन लगने के बाद कनेरिया की फाइनेंशियल कंडीशन बिगड़ी। उन्होंने पीसीबी से मदद मांगी, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। घरेलू बोर्ड के नकारने पर उन्होंने बीसीसीआई से भी मदद मांगी, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ।

एक ओर जहां कनेरिया से किनारा किया गया, वहीं मोहम्मद आमिर की टीम में वापसी हुई। आमिर पर इंटरनेशनल मैच फिक्स करने के संगीन आरोप थे। पाकिस्तानी बोर्ड के इसी भेदभाव का दुखड़ा, कनेरिया अब रो रहे हैं।

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