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MI vs GT 2026: सिर्फ तिलक वर्मा नहीं, ये रहे मुंबई की जीत के असली हीरो

अहमदाबाद. आखिरकार मुंबई इंडियंस की हार का सिलसिला टूट गया। MI vs GT 2026 मुकाबले में मेहमान टीम ने मेजबान गुजरात टायटन्स को 99 रन से हराया। लगातार चार मैचों में हार के बाद यह मुंबई इंडियंस की पहली जीत रही। वैसे तो इस स्पेशल जीत का क्रेडिट नॉटआउट सेंचुरी लगाने वाले तिलक वर्मा को गया। लेकिन वे अकेले ही इस जीत के नायक नहीं थे। आइए जानते हैं मुंबई की जीत की पूरी रिपोर्ट…

गुजरात टायटन्स के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था। अगर गुजरात के गेंदबाजों की बात करें तो यह डिसीजन इतना गलत भी नहीं था। दिग्गज रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में ओपनिंग डेब्यू कर रहे दानिश मालेवर मैच के दूसरे ही ओवर में अपना विकेट गंवा बैठे। कगिसो रबाडा ने अपनी टीम को पहला ब्रेक-थ्रू दिलाते हुए दानिश को एलबीडब्ल्यू आउट किया।

यही नहीं, चौथे ओवर में रबाडा ने दूसरे ओपनर क्विंटन डिकॉक को भी पवेलियन का रास्ता दिखाया। उन्होंने अपनी शॉर्ट लेंथ की गेंद पर डिकॉक को खराब शॉट खेलने पर मजबूर किया। और फिर खुद ही उनके कैच को लपक लिया। डिकॉक कुल 13 रन बनाकर आउट हुए।

इनिंग के छठवें ओवर में रबाडा ने तीसरा प्रहार किया। उन्होंने सूर्यकुमार यादव को महज 15 रन के निजी स्कोर पर क्लीन बोल्ड कर दिया। अब मुंबई का स्कोर 44/3 था। ऐसा लग रहा था कि MI एक बार फिर दबाव में बिखर जाएगी, लेकिन तब एंट्री हुई मैच के हीरो तिलक वर्मा की।

44/3 से 199 तक: मुंबई की वापसी

फैन्स को तिलक वर्मा से कोई खास उम्मीदें नहीं थीं। होती भी कैसे? इस मैच में खेलीं पांच पारियों में उन्होंने कुल 43 रन बनाए थे। यही नहीं, इनमें से तीन पारियों में वे 10 रन तक भी नहीं पहुंचे थे। लेकिन मोटेरा के मैदान पर वे पिछली पारियों की नाकामयाबी को धोने के लिए उतरे थे।

इनिंग के 14वें ओवर की समाप्ति तक वे बेहद संभलकर खेले। उन्होंने 22 गेंदों में कुल 19 रन बनाए। लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा के तीसरे ओवर में उन्होंने गेयर बदला। ओवर की पहली ही गेंद पर उन्होंने छक्का जड़ा। फिर अगली बॉल को भी उन्होंने बाउंड्री पार पहुंचाकर चार और रन बटोरे।

तीसरी गेंद डालते हुए कृष्णा ने ज्यादा दम लगाया, लेकिन नतीजा वही हुआ जो तिलक के बैट ने चाहा – एक वाइड लॉन्ग-ऑफ की तरफ चौका।

इनिंग के 18वें ओवर में पहली ही गेंद पर छक्का लगाकर तिलक ने अपनी फिफ्टी पूरी की। इस पॉइंट पर उन्होंने जैसे अपना 5वां गियर लगा दिया। 18वां ओवर कुछ इस प्रकार से रहा –

6, 4, 4, 6, 6, 0।

एक ही ओवर में वे 50 से 75 रन के निजी स्कोर पर पहुंच गए। उनकी इतनी पारी के दौरान नमन धीर ने उनके साथ चौथे विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी की। धीर ने भी तेज खेलते हुए 32 गेंदों में 45 रन बनाए। उनका विकेट प्रसिद्ध कृष्णा के खाते में गया। लेकिन उनके आउट होने से तिलक की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी पर कोई फर्क नहीं पड़ा।

तिलक वर्मा की रिकॉर्ड सेंचुरी

18वें ओवर में अशोक शर्मा को पीटने के बाद उन्होंने मोहम्मद सिराज की गेंद पर चौका लगाया। हालांकि, 19वें ओवर में अधिकतर स्ट्राइक कप्तान हार्दिक पंड्या ने ली। यही नहीं, ओवर की लास्ट बॉल पर सिराज ने पंड्या को आउट कर मुंबई को 5वां झटका दिया। लेकिन आखिरी ओवर अभी बाकी था।

गुजरात के कप्तान शुभमन गिल ने आखिरी ओवर के लिए अपने सबसे सक्सेसफुल बॉलर कृष्णा को बुलाया। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि तिलक के दिमाग में क्या चल रहा है। तिलक ने ओवर की पहली गेंद पर चौका लगाया और दूसरी पर छक्का।

कृष्णा ने रिकवर करते हुए अगली दो गेंदों में कुल 2 रन दिए। लेकिन वे तिलक को नहीं रोक सके। ओवर की पांचवीं गेंद फुलटॉस रही, जिसे वर्मा ने फाइन लेग की ओर छक्के के लिए पहुंचा दिया। लास्ट बॉल पर चौका लगाकर उन्होंने अपने आईपीएल करियर की पहली सेंचुरी पूरी की।

तिलक वर्मा ने मुंबई इंडियंस के लिए फास्टेस्ट सेंचुरी का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने 45 गेंदों में 8 चौके व 7 छक्कों की मदद से यह रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने सनथ जयसूर्या के रिकॉर्ड की बराबरी की। जयसूर्या ने 14 मई 2008 को चेन्नई के खिलाफ मुंबई में हुए मैच में यह कारनामा किया था। उन्होंने अपनी 45 गेंदों की सेंचुरी में 7 चौके और 10 छक्के लगाए थे।

इसके साथ ही मुंबई, जो एक समय 44/3 के स्कोर पर स्ट्रगल कर रही थी, वह 199/5 का पहाड़ खड़ा करने में कामयाब हुई।

पर कहानी अभी बाकी है…

पहली ही बॉल पर बुमराह ने लिया विकेट

इस सीजन शुरुआत से ही जसप्रीत बुमराह थोड़े ऑफ ट्रैक दिख रहे थे। कप्तान हार्दिक पंड्या ने शुरुआती पांच मैचों में पहला ओवर या तो ट्रेंट बोल्ट से करवाया या दीपक चाहर से। लेकिन इस मैच में उन्होंने स्ट्रैटेजी बदली। पहला ओवर करने उतरे बुमराह। और फिर हुआ मैजिक।

बुमराह ने पहली ही गेंद पर ओपनर साईं सुदर्शन को आउट किया। इस सीजन का यह उनका पहला विकेट रहा। इसके बाद उनके कॉन्फिडेंस को जो बूस्ट मिला, वह मुंबई को जीत की ओर ले गया।

121 गेंदें डालने तक विकेटहीन रहने वाले बुमराह ने इस मैच में कुल 15 रन देकर 1 विकेट झटका। बुमराह का सूखा खत्म होने के बाद आगे की जिम्मेदारी उठाई मुंबई के शेष गेंदबाजों ने।

MI vs GT 2026 में हीरो बनकर उभरे अश्वनी कुमार

मुंबई ने गेंदबाजी में अश्वनी कुमार को इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर उतारा। मोहाली के रहने वाले इस युवा गेंदबाज ने अपनी भूमिका बखूबी निभाई। अश्वनी ने सबसे पहले गुजरात के कप्तान का अहम विकेट झटका। गिल कुल 14 रन ही बना सके।

इसके बाद अश्वनी ने राहुल तेवातिया, राशिद खान और शाहरुख खान के विकेट लेकर गुजरात की कमर तोड़ दी। 13वें ओवर के खत्म होने तक गुजरात का स्कोर 86/8 विकेट पहुंच गया। कुमार ने 24 रन देकर 4 विकेट चटकाए। अफगानिस्तान के युवा गेंदबाज एएम घज़नफर ने 17 रन देकर लास्ट के दो बल्लेबाजों को चलता किया।

कप्तान हार्दिक पंड्या ने भी जोस बटलर का कीमती विकेट लेकर जीत में अहम योगदान दिया। मिचेल सेंटनर ने भी वाशिंगटन सुंदर और ग्लेन फिलिप्स को आउट किया। गुजरात की पूरी पारी महज 15.5 ओवरों में 100 रन के छोटे स्कोर पर ढेर हो गई।

बेशक तिलक वर्मा ने मुंबई की जीत की नींव रखी, लेकिन एक ओर जहां 250+ के स्कोर बन रहे हैं, वहां विपक्षी टीम को 100 रन पर ढेर करना वाकई अद्भुत रहा।

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