79 विकेट, 13 जीत फिर भी Kuldeep Yadav क्यों नहीं पहली पसंद? 9 साल के आंकड़े चौंका देंगे

Kuldeep Yadav के लिए श्रीलंका में टेस्ट सीरीज अहम रहेगी। पिछले 5 सालों में टीम इंडिया के टॉप 3 टेस्ट स्पिनर्स में शुमार रहे। फिर भी क्यों नहीं बन पा रहे वे फर्स्ट चॉइस? एक विश्लेषण।

India vs Sri Lanka Test 2026 से पहले एक प्रैक्टिस मैच खेला गया। इतिहास गवाह है कि श्रीलंकाई पिचें स्पिनरों की मदद करती हैं। इसके बावजूद भारतीय टीम मैनेजमेंट ने कुलदीप यादव से कुल एक पारी में गेंदबाजी करवाई—कुल 18 ओवर। सवाल सिर्फ इस मैच का नहीं है। सवाल यह है कि 79 टेस्ट विकेट लेने वाले कुलदीप यादव आखिर टीम इंडिया की पहली पसंद क्यों नहीं बन पा रहे हैं?

टीम इंडिया के पूर्व स्पिनर मुरली कार्तिक भी इंग्लैंड दौरे का उदाहरण देते हुए इसी ओर इशारा करते हैं। उन्होंने कहा –

“जब आप इंग्लैंड में जो हुआ, उस पर नजर डालते हैं तो उन पांच टेस्ट मैचों के दौरान हर कोई यही कहता रहा—कुलदीप कहां हैं, कुलदीप कहां हैं? लेकिन कुलदीप को खेलने का मौका नहीं मिला और वह बाहर बैठे रहे।”

9 साल में कुल 18 टेस्ट

कुलदीप ने साल 2017 में टेस्ट डेब्यू किया था। उन्होंने करियर का दूसरा मैच श्रीलंका में ही खेला था। 9 साल बाद टीम इंडिया जब श्रीलंका टूर पर है, तब भी वे इस टीम का हिस्सा हैं। अंतर सिर्फ इतना है कि इन बीते 9 सालों में कुलदीप को कुल 18 टेस्ट मैच खेलने का मौका मिल सका।

ऐसा नहीं कि उनका प्रदर्शन अंतर्राष्ट्रीय स्तर का नहीं था। कुलदीप यादव के आंकड़े देखें तो वे 18 टेस्ट मैचों में 22.35 के औसत से 79 विकेट लिए हैं। इनमें से 13 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम ने जीत दर्ज की। लगभग 80 प्रतिशत विकेट टीम को जीत दिलाते हुए—यह वाकई एक बड़ी उपलब्धि है।

टेस्ट में तेजी से विकेट लेने के मामले में भले ही कुलदीप आगे न हों। लेकिन इस बात में कोई शक नहीं कि वे एक मैच विनर हैं।

Kuldeep Yadav बन सकते हैं अक्षर पटेल के पार्टनर

टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाज जोड़ियों में ज्यादा असरदार रहते हैं। भारतीय क्रिकेट में ही देखें तो अनिल कुंबले की उपलब्धि हरभजन सिंह के बिना अधूरी है। वहीं रविचंद्रन अश्विन की सफलता में रवींद्र जडेजा और अमित मिश्रा के योगदान को कम नहीं आंका जा सकता।

यदि भारतीय टीम प्रबंधन स्पिन गेंदबाजी की रणनीति बेहतर करना चाहती है तो कुलदीप यादव और अक्षर पटेल को बतौर पार्टनर आगे बढ़ाना बेस्ट रहेगा। इसमें कोई शक नहीं कि जडेजा अब करियर की ढलान पर हैं। ऐसे में टीम में एक नई स्पिन जोड़ी का सपोर्ट करना सही रणनीति होगी।

मुरली कार्तिक भी इसी सवाल को अहम मानते हैं। उनके मुताबिक जडेजा के करियर के अंतिम दौर में पहुंचने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि टीम का अगला लीड स्पिनर कौन बनता है।

“अब जबकि जडेजा अपने करियर के अंतिम दौर में हैं, क्या कुलदीप टीम के नेतृत्वकर्ता (मुख्य स्पिनर) होंगे या फिर कोई और यह भूमिका निभाएगा।”

आंकड़ों का सोर्स – क्रिकइंफो

टी20-वनडे में युजवेंद्र चहल के साथ बनाई थी जबरदस्त जोड़ी

2017 में इंटरनेशनल डेब्यू के बाद कुलदीप यादव ने जिसके साथ सफल जोड़ी बनाई, वो गेंदबाज थे युजवेंद्र चहल। दोनों ने 2017 से 2023 के बीच 37 वनडे साथ खेले। जिनमें दोनों ने मिलकर 130 विकेट झटके – 70 कुलदीप ने और 60 युजी ने।

टी20 इंटरनेशनल में भी दोनों की जोड़ी हिट रही। साथ खेले 15 मैचों में 52 विकेट लिए। यह वो दौर था जब फैन्स इन दोनों को ‘हॉट कुलछा’ कहकर बुलाते थे। लेकिन 2023 के बाद युजवेंद्र चहल अचानक गायब से हो गए।

टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम मैनेजमेंट जिस तरह कुलदीप को नजरअंदाज करती है, आने वाले समय में यदि वे टीम से गायब हुए, तो यह कोई चौंकाने वाली बात नहीं होगी।

क्या अपनी ही ताकत को भूल रही है टीम इंडिया?

टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम की ताकत स्पिन गेंदबाजी रही है। अनिल कुंबले, हरभजन सिंह और आर अश्विन इस बात के प्रूफ हैं। लेकिन अब ऐसा लगने लगा है कि भारतीय टीम अपनी ताकत को कमजोरी बनाने लगी है।

पिछले 5 साल के आंकड़े देखें (अगस्त 2021 से अगस्त 2026 तक) तो भारतीय टेस्ट टीम में 7 अलग-अलग स्पिन गेंदबाज खेले। अनुभवी जडेजा और अश्विन को हटा दें तो इस दौरान टीम में 5 युवा स्पिनर खेले। उनके नाम हैं – कुलदीप यादव, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, मानव सुथर और जयंत यादव।

इन पांचों का टेस्ट में प्रदर्शन इस प्रकार से रहा –

  • कुलदीप – 11 मैच – 53 विकेट
  • सुंदर – 14 मैच – 35 विकेट
  • अक्षर – 12 मैच – 30 विकेट
  • सुथर – 1 मैच – 7 विकेट
  • जयंत यादव – 2 मैच – 5 विकेट

इसमें रोचक बात है कि वाशिंगटन सुंदर को महज दो सालों में 14 टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला। वहीं कुलदीप, जो कि एक उभरते हुए मैच विनर थे, उन्हें 9 साल के करियर में कुल 18 मौके ही मिल सके।

ऐसा लगता है कि बतौर स्पेशलिस्ट स्पिनर, कुलदीप टेस्ट टीम में अपनी सीट पक्की नहीं कर पाए हैं।

गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी करनी होगी दुरुस्त

भारतीय टीम अब स्पेशलिस्ट गेंदबाजों की तुलना में ऑलराउंडर गेंदबाजों को ज्यादा अहमियत दे रही है। पिछले 5 सालों के आंकड़े यही कहानी बयां करते हैं।

इस मामले में अक्षर पटेल और सुंदर सिलेक्टर्स पर अच्छी छवि बनाने में सफल रहे हैं। अक्षर ने फरवरी 2021 से जुलाई 2026 के मध्य खेले 15 टेस्ट मैचों में 57 विकेट लिए। उन्हें भी कुल पांच सालों में 15 टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला।

अक्षर पटेल बतौर ऑलराउंडर अपना चयन साबित करते रहे हैं। उन्होंने 15 मैचों में 50+ विकेट लेने के साथ ही 4 अर्धशतक भी बनाए। उनके खाते में 34.40 के औसत से 688 रन दर्ज हैं।

दूसरी तरफ वाशिंगटन सुंदर भी बल्लेबाजी में खुद को साबित कर रहे हैं। उन्होंने 18 टेस्ट मैचों में भले ही सिर्फ 41 विकेट चटकाए। लेकिन साथ ही वे 44.61 के औसत से 937 रन बनाने में भी सफल रहे।

सुंदर ने अपना डेब्यू टेस्ट मैच 15 जनवरी 2021 को ऑस्ट्रेलिया में खेला था। उस मैच में उन्होंने 62 रन की पारी खेली थी। साथ ही 4 विकेट भी चटकाए थे। इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में टेस्ट बचाते हुए सुंदर ने जो 101 रन की नाबाद पारी खेली थी, वह कोई फैन नहीं भुला सकता।

ऐसे में टीम में जगह पक्की करने के लिए कुलदीप को बल्ले से भी खुद को साबित करना होगा। वे अब तक के करियर में एक हाफ सेंचुरी तक नहीं लगा सके हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका हाई स्कोर 117 रन का जरूर है, लेकिन इंटरनेशनल लेवल पर सॉलिड बल्लेबाजी करना अब जरूरी हो चुका है।

वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल।

हालांकि मुरली कार्तिक कुलदीप को सिर्फ उनकी बल्लेबाजी के आधार पर आंकने के पक्ष में नहीं हैं। उनका मानना है कि कुलदीप को सबसे पहले एक स्पिन गेंदबाज के तौर पर देखा जाना चाहिए।

“वह निश्चित रूप से बल्लेबाजी कर सकते हैं। हमने उन्हें नाइटवॉचमैन के रूप में बल्लेबाजी करते और लंबे समय तक क्रीज पर टिके हुए देखा है। हो सकता है कि उनके पास जडेजा और अश्विन जैसी आक्रामक बल्लेबाजी की क्षमता न हो, लेकिन मैं उन्हें उस नजरिए से नहीं देखूंगा।”

श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से हो रही India vs Sri Lanka Test 2026 उनके करियर की दिशा तय कर सकती है। कुलदीप के पास दो रास्ते हैं – या तो वे गेंदबाजी में एक लीडर बनकर उभरें या बल्लेबाजी में खुद को साबित करें।

लेकिन कार्तिक के मुताबिक कुलदीप को लेकर नजरिया इससे भी ज्यादा सीधा होना चाहिए।

“उन्हें सिर्फ एक स्पिन गेंदबाज के तौर पर देखिए। वह शानदार गेंदबाज हैं, एक मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अलग-अलग देशों में विकेट चटकाए हैं।”

Kuldeep Yadav के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या टीम इंडिया उन्हें उस मैच विनर के रूप में देखेगी, जिसकी झलक वे अपने टेस्ट करियर में कई बार दिखा चुके हैं?

Monika Srivastava
Monika Srivastava

मीडिया इंडस्ट्री में 10+ वर्षों का अनुभव रखने वाली मोनिका ने प्रिंट और डिजिटल दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम किया है। स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, ट्रेंडिंग क्रिकेट स्टोरीज़, मैच एनालिसिस और रिकॉर्ड्स आधारित कंटेंट उनकी खास पहचान है। वे Dainik Bhaskar के डिजिटल स्पोर्ट्स सेक्शन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहीं, जहां उन्होंने स्पोर्ट्स कंटेंट की ग्रोथ और कंटेंट प्लानिंग में अहम भूमिका निभाई।

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