मेजबान : इंग्लैंड 12 जून – 5 जुलाई, 2026 12 टीमें (6-6 के दो ग्रुपों में विभाजित) पहला मैच : इंग्लैंड vs. श्रीलंका, 12 जून को एजबेस्टन, बर्मिंघम में सबसे बड़ा मुकाबला : इंडिया vs. पाकिस्तान, 14 जून को एजबेस्टन में फाइनल : 5 जुलाई को लॉर्ड्स में
Women T20 World Cup 2026 का आयोजन 12 जून से 5 जुलाई तक इंग्लैंड एवं वेल्स में किया जा रहा है। पहली बार इस टूर्नामेंट में 12 टीमें हिस्सा ले रही हैं। सभी टीमों को 2 ग्रुपों में विभाजित किया गया है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम को ग्रुप 1 में रखा गया है। वहीं डिफेंडिंग चैंपियन न्यूजीलैंड की टीम ग्रुप 2 में मेजबान इंग्लैंड और वेस्ट इंडीज के साथ है। भारत का पहला मैच 14 जून को पाकिस्तान के खिलाफ खेला जाएगा।
रैंकखिलाड़ीटीमगेंदेंविपक्षवर्ष1डियेंड्रा डॉटिनवेस्टइंडीज38दक्षिण अफ्रीका20102हरमनप्रीत कौरभारत49न्यूजीलैंड2018 CIN डेस्क. क्रिकेट में तेज बल्लेबाजी की जब बात होती है तो हर बार पुरुष क्रिकेटरों ...
महिलाओं में सबसे ज्यादा टी20 विश्व कप किसने जीता है?
ऑस्ट्रेलिया ने रिकॉर्ड 6 बार टी20 विश्व कप जीता है। इसी टीम के नाम लगातार 3 खिताब दो बार जीतने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज है।
महिला टी20 विश्व कप फाइनल का सर्वोच्च स्कोर क्या है?
184/4. यह स्कोर ऑस्ट्रेलिया ने 2020 महिला टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में इंडिया के खिलाफ बनाया था। मेलबर्न में हुए उस फाइनल में ऑस्ट्रेलिया 85 रन से जीती थी। प्लेयर ऑफ द मैच एलिसा हीली ने 75 रन की पारी खेली थी।
महिला टी20 वर्ल्ड कप में सबसे तेज शतक किसके नाम है?
डियेंड्रा डॉटिन (वेस्ट इंडीज)। 5 मई 2010 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ ग्रुप मैच में डॉटिन ने कुल 38 गेंदों में सेंचुरी लगाई थी। यह महिला टी20 इंटरनेशनल की फास्टेस्ट सेंचुरी भी है।
क्रिकेट में टी20 सबसे रोमांचक फॉर्मेट है। साल 2007 में जब आईसीसी ने खेल के सबसे छोटे फॉर्मेट में वर्ल्ड कप की शुरुआत की, तो शुरुआत में बीसीसीआई ने उसे अधिक महत्व नहीं दिया। पहली टीम की कप्तानी महेंद्र सिंह धोनी को मिली। शेष सभी टीमों ने भी अपने युवा खिलाड़ियों को उतारा। लेकिन जब धोनी की युवा टीम ने जब खिताब जीता तो सभी इस फॉर्मेट के लिए थोड़े सीरियस हो गए।
आज टी20 फैन्स के बीच सबसे पसंदीदा फॉर्मेट बन चुका है। महिला क्रिकेट में टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत साल 2009 से हुई। आइए, जानते हैं सीजन दर सीजन कैसे बढ़ता गया इस टूर्नामेंट का रोमांच।
2009 विनर – इंग्लैंड रनर अप – न्यूजीलैंड
महिला टी20 विश्व कप के पहले संस्करण में कुल 8 टीमें उतरीं। टूर्नामेंट का शेड्यूल मैन्स टी20 वर्ल्ड कप के इर्द-गिर्द ही रखा गया। भारतीय टीम की कमान झूलन गोस्वामी के हाथ में थी। टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और सेमीफाइनल में जगह बनाई। लेकिन न्यूजीलैंड की गेंदबाजी के आगे वे टिक नहीं सकीं। कीवी टीम ने इंडिया को 52 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
लॉर्ड्स में हुए फाइनल में इंग्लैंड की टीम ने शारलेट एडवर्ड्स की कप्तानी में बाजी मारी। इंग्लिश गेंदबाज कैथरीन स्कीवर ब्रंट ने कुल 6 रन देकर 3 विकेट झटके और कीवी टीम कुल 86 रन का लक्ष्य ही दे पाई। इस आसान टारगेट को इंग्लैंड ने 3 ओवर शेष रहते हासिल किया और 6 विकेट से मैच जीतकर चैंपियन बनी।
2010 विनर – ऑस्ट्रेलिया रनर अप – न्यूजीलैंड
वर्ल्ड कप की बात हो और ऑस्ट्रेलिया पीछे रह जाए? यह संभव नहीं। टूर्नामेंट का अगला संस्करण ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम ने जीता। इसी टूर्नामेंट से आगाज हुआ स्टेफनी टेलर, डियेंड्रा डॉटिन और एलीस पैरी जैसी धुरंधर खिलाड़ियों का। इस बार मेजबान था वेस्ट इंडीज। इस बार भी भारतीय महिला टीम सेमी फाइनल तक पहुंची, लेकिन यहां ऑस्ट्रेलिया ने उसके सफर पर फुल-स्टॉप लगाया। यहां भी कप्तान थीं झूलन गोस्वामी। 16 मई 2010 को ब्रिजटाइन में फाइनल ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया। निकोला ब्राउन (2/11) और सोफी डिवाइन (2/21) की बेहतरीन गेंदबाजी से कीवी टीम ने कंगारुओं को 106/8 के स्कोर तक सीमित रखा, लेकिन उन्हें एलीस पैरी के हुनर का अंदाजा नहीं था। एलीस ने कुल 18 रन देकर 3 विकेट चटकाए। मैच के अंतिम ओवर में कीवी टीम को 14 रनों की दरकार थी। लेकिन एलीस पैरी की कसी हुई गेंदबाजी के कारण वे टारगेट से महज 4 रन दूर रह गए। ऑस्ट्रेलिया 3 रन से मैच जीतकर चैंपियन बनी।
2012 विनर – ऑस्ट्रेलिया रनर अप – इंग्लैंड
ऑस्ट्रेलिया के युग की शुरुआत हो चुकी थी। तीसरा संस्करण श्रीलंका में खेला गया। यह टूर्नामेंट इंडिया के लिए बेहद निराशाजनक रहा। न सिर्फ टीम को पाकिस्तान से हार का सामना करना पड़ा, बल्कि टीम सेमीफाइनल तक भी नहीं पहुंच पाई। इस बार कप्तानी मिताली राज के हाथ में थी। इस बार फाइनल में पहुंची इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया। इंग्लिश टीम के पास 2009 का इतिहास दोहराने का मौका था, लेकिन एक बार फिर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज अपनी सटीकता के दम पर जीत गईं। ऑस्ट्रेलिया द्वारा बनाए 142/4 के जवाब में इंग्लिश टीम 138/9 का स्कोर ही बना सकी। एक और करीबी फाइनल में ऑस्ट्रेलियाई टीम 4 रन से विजयी रही।
2014 विनर – ऑस्ट्रेलिया रनर अप – इंग्लैंड
2014 का संस्करण 2012 का ही रीप्ले लगा। कुछ नया था तो सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका का पहुंचना। लेकिन फाइनल की कहानी फिर वही थी – इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया। 2014 महिला टी20 विश्व कप का मेजबान रहा बांग्लादेश। मीरपुर में खेले गए फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को एक नयी स्टार गेंदबाज मिली – साराह कोयटे। साराह ने कुल 16 रन देकर 3 विकेट झटके। एलीस पैरी ने 13 रन पर 2 विकेट लेकर उनका साथ दिया। ऑस्ट्रेलिया की बेहतरीन गेंदबाजी के कारण इंग्लैंड कुल 105/8 का स्कोर बना सकी। ऑस्ट्रेलिया की कप्तान मेग लेनिंग ने बेहतरीन 44 रन बनाए। एलीस पैरी ने बैट से कमाल दिखाते हुए नाबाद 30 रन की पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया ने बड़े आराम से 29 गेंदें शेष रहते खिताब 6 विकेट से जीता। सारा कोयटे प्लेयर ऑफ द मैच रहीं। और ऑस्ट्रेलिया ने खिताबी हैट्रिक पूरी की।
2016 विनर – वेस्ट इंडीज रनर अप – ऑस्ट्रेलिया
भारत में आयोजित हुआ 2016 का महिला टी20 विश्व कप सनसनीखेज रहा। ऑस्ट्रेलिया बेहतरीन खेल दिखाते हुए फाइनल में पहुंची, लेकिन यह साल कैरिबियाई टीम के नाम था। ईडन गार्डेन्स में हुए खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने 148 रन का बड़ा स्कोर बनाया। एलीस विलानी और कप्तान मेग लेनिंग, दोनों ने 52-52 रन की पारियां खेलीं। लेकिन वेस्ट इंडीज की ओपनर्स ने बेहतरीन बल्लेबाजी कर ऑस्ट्रेलिया को खिताबी चौका लगाने से रोक दिया। हेयली मैथ्यूज (66) और कप्तान स्टेफनी टेलर (59) ने पहले विकेट के लिए 120 रन की साझेदारी की। उनकी इस साझेदारी ने विंडीज के लिए 149 रन के लक्ष्य को आसान बना दिया था। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने भी दम दिखाया और मैच को आखिरी ओवर तक खींचकर ले गईं। लेकिन वे कैरिबियाई टीम की जीत नहीं टाल सकीं। उसी दिन वेस्ट इंडीज की मैन्स टीम ने भी टी20 वर्ल्ड कप जीता था। यह क्रिकेट इतिहास का सबसे दुर्लभ पल रहा।
2018 विनर – ऑस्ट्रेलिया रनर अप – इंग्लैंड
यह संस्करण महिला क्रिकेट के लिए नया अध्याय लेकर आया। पहली बार महिला टी20 विश्व कप पुरुष टीम से अलग आयोजित किया गया। यह भारतीय महिला टीम के लिए भी खास रहा। इस टूर्नामेंट में पहली बार इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को हराया। हमारी टीम सेमी-फाइनल तक भी पहुंची, लेकिन इंग्लैंड से हार गई। फाइनल की कहानी अपने पुराने दौर में लौट आयी। एक बार फिर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने थीं। नतीजा? वही चार साल पुराना – ऑस्ट्रेलिया चैंपियन। 24 नवंबर 2018 को हुए खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट से जीत दर्ज की। ऑलराउंडर एश्ले गार्डनर (33*, 3/22) प्लेयर ऑफ द मैच रहीं।
2020 विनर – ऑस्ट्रेलिया रनर अप – इंडिया
यह टूर्नामेंट भारतीय टीम का सबसे सफल टी20 विश्व कप रहा। इस बार कप्तानी हरमनप्रीत कौर के हाथ में थी। लेकिन भारतीय महिला टीम अपने सबसे कठिन टेस्ट को पार नहीं कर सकी—ऑस्ट्रेलिया को हराना। मेलबर्न में हुआ खिताबी मुकाबला साल 2003 के पुरुष वनडे विश्व कप जैसा लग रहा था। उस मैच को देखने रिकॉर्ड 86,174 दर्शक स्टेडियम में मौजूद थे। ऑस्ट्रेलिया ने महिला टी20 विश्व कप फाइनल का सर्वोच्च स्कोर बनाया – 184/4। एलिसा हीली ने 75 और बेथ मूनी ने नाबाद 78 रन की पारियां खेलीं। जवाब में भारतीय टीम बुरी तरह पस्त हुई। पूरी टीम 19.1 ओवरों में कुल 99 रन बनाकर आउट हो गई। दीप्ति शर्मा (33) के अलावा कोई अन्य बल्लेबाज बड़ा स्कोर नहीं बना सका। ऑस्ट्रेलिया ने वह फाइनल 85 रन से जीता।
2023 विनर – ऑस्ट्रेलिया रनर अप – साउथ अफ्रीका
इस बार का Women T20 World Cup साउथ अफ्रीका में खेला गया। मेजबान टीम ने सभी को प्रभावित करते हुए फाइनल तक जगह बनाई। लॉरा वॉल्वार्ड्ट और मैरीजान कैप जैसी उभरती खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। लेकिन वे ऑस्ट्रेलिया को हैट्रिक लगाने से नहीं रोक सके। ओपनर बेथ मूनी ने 74 रन की बेहतरीन नॉटआउट इनिंग खेली। और ऑस्ट्रेलिया ने 156/6 का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में लॉरा ने 61 रन की तेज पारी जरूर खेली, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें साथ न मिल सका। द. अफ्रीकी टीम 20 ओवरों में 137/6 का स्कोर ही बना सकी। ऑस्ट्रेलिया ने 19 रन से मैच जीता ।
2024 विनर – न्यूजीलैंड रनर अप – साउथ अफ्रीका
इस बार महिला टी20 विश्व कप का काफिला यूएई पहुंचा। इस बार ऑस्ट्रेलिया फाइनल तक का सफर पूरा नहीं कर पाई। सेमी फाइनल में साउथ अफ्रीका ने 2023 टी20 विश्व कप का बदला लेते हुए कंगारू टीम को 8 विकेट से हराया। दुबई में खेले गए फाइनल में एक नया चैंपियन मिला – न्यूजीलैंड। खिताबी मुकाबले में कीवी टीम ने 32 रन से जीत दर्ज की। प्लेयर ऑफ द मैच मैली केर ने 43 रन की पारी खेली, फिर कप्तान वॉल्वार्ड्ट समेत तीन विकेट भी चटकाए। मैली प्लेयर ऑफ द सीरीज भी रहीं।