Team India bowling weakness: हैदराबाद. वेस्टइंडीज के खिलाफ हैदराबाद में हुआ चौथा टी20 मुकाबला टीम इंडिया हार गई। खराब गेंदबाजी की वजह से कैरिबियाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247/3 रन का बड़ा स्कोर बना दिया।
जवाब में भारतीय बल्लेबाज 223 रन ही बना सके। संजू सैमसन (56), तिलक वर्मा (43) और नीतीश कुमार रेड्डी (41) ने तेज पारियां खेलकर जीत के लिए कोशिश जरूर की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। पूरी सीरीज में यह चौथा मुकाबला रहा जहां भारतीय गेंदबाजों ने बहुत ज्यादा रन लुटाए। क्या ऐसी गेंदबाजी के साथ हम वर्ल्ड कप 2027 में जाएंगे?
एक ओर जहां भारतीय गेंदबाज कुल 3 विकेट ही ले सके, वहीं कैरिबियाई गेंदबाजों ने 9 भारतीय बल्लेबाजों को पवैलियन पहुंचाया। कीमो पॉल ने इतिहास रचते हुए 41 रन देकर 5 विकेट झटके। टी20 इंटरनेशनल में 5 विकेट लेने वाले वे वेस्टइंडीज के पहले गेंदबाज बने।
कप्तान श्रेयस अय्यर ने बताया- क्यों हारी टीम इंडिया?
खुद कप्तान श्रेयस अय्यर ने इस बात को मैच के बाद स्वीकार किया। उन्होंने हार के कारणों पर कहा कि टीम के गेंदबाज प्लान के हिसाब से गेंदबाजी नहीं कर पाए।
उन्होंने कहा, “हमने हमारी लाइन और लेंथ सही नहीं रखी। लगभग 250 रन का टारगेट चेज करते समय जरूरी है कि आप पावर के साथ बल्लेबाजी करें। रनों का पीछा करते हुए हमारी अप्रोच सही थी, लेकिन दुर्भाग्य से हम गेंदबाजी योजना को सही ढंग से फॉलो नहीं कर पाए। यही हमारी हार का कारण रहा।”
यह पहला मौका नहीं जब टीम इंडिया की गेंदबाजी हार का कारण बनी।
Team India bowling weakness: कैसा रहा वेस्टइंडीज के खिलाफ प्रदर्शन?
टीम की यह कमजोरी तो वनडे सीरीज के दौरान ही साफ नजर आ गई थी। पहले वनडे में गेंदबाजी थोड़ी बेहतर रही। कैरिबियाई टीम 295/7 का स्कोर ही बना सकी। लेकिन गुवाहाटी में गेंदबाजी पूरी तरह बिखर गई।
दूसरे वनडे में वेस्ट इंडीज ने 405/7 रन का पहाड़ खड़ा किया। हालांकि, विराट कोहली और शुभमन गिल ने सेंचुरी लगाकर उस पहाड़ को भी लांघ लिया, लेकिन गेंदबाजी की कमजोरी तो उजागर हो ही गई। अगले मैच में इंडिया ने 351 रन का अच्छा स्कोर बनाया, लेकिन कमजोर गेंदबाजी के कारण हम हार गए। वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने 10 गेंदें शेष रहते टारगेट हासिल कर लिया।
टी20 सीरीज भी कुछ ऐसी ही रही। पहले मैच में तो गेंदबाजों ने मेहमान बल्लेबाजों को 171 रन तक रोक लिया। लेकिन दूसरे मैच में गेंदबाजी हार का कारण बन बैठी। भारतीय टीम का 249/5 का स्कोर भी छोटा साबित हो गया। और कैरिबियाई टीम ने कुल 18.3 ओवरों में 252/4 का स्कोर बनाकर मैच जीत लिया।
तीसरे टी20 में भी वेस्टइंडीज 224 रन के टारगेट के करीब पहुंच गई थी। भारतीय टीम कुल 14 रन से मैच जीत पाई। हैदराबाद में एक बार फिर गेंदबाज बुरी तरह फेल हुए। कैरिबियाई बल्लेबाजों ने 20 ओवरों में 247/3 का स्कोर बना दिया। इस बार बल्लेबाज इस पहाड़ को पार नहीं कर सके और सीरीज 2-2 की बराबरी पर आ गई।
भारतीय गेंदबाजों के औसत और विकेटों का विश्लेषण
टी20 सीरीज में भारतीय गेंदबाजों के औसत पर नजर डालिए –
- अर्शदीप सिंह – 35.00 – 5 विकेट
- नमन धीर – 22.8 – 5 विकेट
- अक्षर पटेल – 41.75 – 4 विकेट
- मयंक यादव – 40.5 – 4 विकेट
- प्रिंस यादव – 83 – 1 विकेट
- नीतीश कुमार रेड्डी – 58 – 1 विकेट
- कुलदीप यादव – 28.66 – 3 विकेट

वनडे में आंकड़े और भी खराब थे –
- गुरनूर बरार – 73.33 – 3 विकेट
- प्रसिद्ध कृष्णा – 35 – 3 विकेट
- रवींद्र जडेजा – 64.5 – 2 विकेट
- मो. सिराज – 52 – 1 विकेट
- कुलदीप यादव – 23.85 – 7 विकेट
वहीं दूसरी तरफ यदि वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को देखें तो शमार जोसेफ के अलावा किसी गेंदबाज का औसत 33 से अधिक का नहीं रहा।
वनडे वर्ल्ड कप 2027 से पहले भारतीय टीम को अपनी गेंदबाजी को दुरुस्त करने की जरूरत है। यदि ऐसा ही हाल रहा तो दक्षिण अफ्रीका में मेजबान, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों का सामना करना मुश्किल हो जाएगा।



