Ind vs WI 4th T20i: श्रेयस अय्यर ने अर्शदीप सिंह को वापस क्यों बुलाया?

हैदराबाद. Ind vs WI 4th T20i मेहमान टीम ने 24 रन से जीता। शे होप की सेंचुरी और कीमो पॉल के 5 विकेट हॉल के दम पर वेस्ट इंडीज ने सीरीज 2-2 से बराबर कर ली। इस मैच में टीम इंडिया ऑलआउट नहीं हुई। लेकिन 20 ओवर पूरे होने से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर ने लास्ट बैट्समैन अर्शदीप सिंह को वापस बुला लिया। आखिर मैदान पर ऐसा क्या हुआ जो भारतीय कप्तान ने अपने खिलाड़ी को अंतिम तीन गेंदें नहीं खेलने दीं?

मैच का आखिरी ओवर काफी गरमागरमी वाला रहा। इंडिया को आखिरी 6 गेंदों में 35 रन की जरूरत थी और उसके 9 विकेट गिर चुके थे। यह टारगेट नामुमकिन सा था। अर्शदीप सिंह ने शमार जोसेफ की पहली गेंद पर डीप बैकवर्ड पॉइंट की तरफ चौका लगाया।

इस चौके से जोसेफ जैसे गुस्सा से गए। उन्होंने अगली गेंद फुलटॉस वाइड डाली। अगली गेंद पर भी कोई रन नहीं बन सका। तीसरी गेंद पर जोसेफ ने खतरनाक बाउंसर डाली। उनकी इस गेंद ने ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच हुई बॉडीलाइन सीरीज की याद दिला दी। उस सीरीज में गेंदबाज विकेट की तरफ बॉल डालने की जगह बल्लेबाज को चोट पहुंचाने की तरफ फोकस करते थे।

Ind vs WI 4th T20i arshdeep singh

जोसेफ की तीसरी गेंद अर्शदीप के कंधे पर लगी और वे दर्द से कराह उठे। भारतीय खेमे से फिजियो तुरंत मैदान पर गए और अर्शदीप को फर्स्ट एड ट्रीटमेंट दिया। अब इंडिया को 3 गेंदों में 25 रन की जरूरत थी। वेस्ट इंडीज की जीत पक्की थी, लेकिन उनके बॉलर ने जैसे खेल भावना छोड़ दी।

एक घायल बल्लेबाज की ओर शमार जोसेफ ने एक और खतरनाक बाउंसर डाली। उनकी गेंद स्टम्प्स की जगह बल्लेबाज को निशाना बनाती नजर आई। अर्शदीप जैसे-तैसे उस गेंद से बचे और बॉल बाउंड्री पार चली गई।

कैरिबियाई गेंदबाज की ऐसी गेंद और अर्शदीप का दर्द देखते हुए कप्तान श्रेयस अय्यर ने उन्हें वापस लौटने का इशारा कर दिया। अर्शदीप रिटायर्ड हर्ट होकर लौट गए और कैरिबियाई टीम 24 रन से मैच जीत गई। लेकिन जोसेफ की ऐसी गेंदबाजी देखकर स्पोर्ट्समैनशिप जरूर हार गई।

Ind vs WI 4th T20i में प्लेयर ऑफ द मैच रहे कप्तान होप

चौथे मैच में इंडिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। लेकिन कैरिबियाई बल्लेबाज हैदराबाद के मैदान पर बेहतरीन लय में नजर आए। कप्तान शे होप ने महज 50 गेंदों में 4 चौके और 9 छक्के लगाते हुए नाबाद 102 रन बनाए।

होप की सेंचुरी और रदरफर्ड की नाबाद 49 रन की पारी के दम पर वेस्टइंडीज ने 247/3 का स्कोर बनाया। जवाब में भारतीय टीम 19.3 ओवरों में 223 रन ही बना सकी।

यह टी20 इंटरनेशनल में उनकी तीसरी सेंचुरी थी। इस सेंचुरी के साथ ही वे क्रिस गेल से आगे निकल गए। T20i में तीन सेंचुरी लगाने वाले वे पहले कैरिबियाई बल्लेबाज बन गए।

यही नहीं, उन्होंने इस पारी के दौरान T20i करियर के 2000 भी पूरे किए। यह कारनामा उन्होंने करियर की 72वीं पारी में किया। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे चौथे कैरिबियाई बल्लेबाज बने। साथ ही वे वेस्टइंडीज के लिए सबसे तेज 2000 रन बनाने वाले बैट्समैन भी बने।

वेस्ट इंडीज के टॉप 6 T20i बैट्समैन ये रहे-

  • रोवमैन पॉवेल – 2400 रन – 1 सेंचुरी, 10 हाफ सेंचुरी
  • निकोलस पूरन – 2275 रन – 0 सेंचुरी, 13 हाफ सेंचुरी
  • ब्रेंडन किंग – 2028 रन – 0 सेंचुरी, 14 हाफ सेंचुरी
  • शे होप – 2004 रन – 3 सेंचुरी, 13 हाफ सेंचुरी
  • क्रिस गेल – 1899 रन – 2 सेंचुरी, 14 हाफ सेंचुरी
  • एविन लुईस – 1799 रन, 2 सेंचुरी, 13 हाफ सेंचुरी

सीरीज का फाइनल मैच 17 अक्तूबर को बेंगलुरु में खेला जाएगा। उम्मीद है कि अर्शदीप सिंह तब तक इस चोट से रिकवर कर लेंगे।

क्या थी बॉडीलाइन सीरीज?

बॉडीलाइन क्रिकेट इतिहास की सबसे शर्मनाक सीरीज में से एक थी। 1932-33 के एशेज टेस्ट क्रिकेट टूर पर इंग्लैंड के तत्कालीन कप्तान डगलस जार्डीन पर इसका उपयोग ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज सर डॉन ब्रेडमैन को रोकने के लिए किया था। उन्होंने अपने गेंदबाजों को ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के शरीर को निशाना बनाते हुए गेंदबाजी के लिए निर्देश दिए थे।

जार्डीन की स्ट्रेटेजी थी कि गेंदबाज बल्लेबाजों के शरीर को निशाना बनाएंगे और उनके करीब खड़े फील्डर गेंद को लपक लेंगे। उस जमाने में आज की तरह प्रोटेक्टिव गेयर नहीं थे। उस सीरीज में कई ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी घायल हुए थे। उनके विकेटकीपर बर्ट ओल्डफील्ड की खोपड़ी में फ्रेक्चर हुआ था। यही नहीं, ऑस्ट्रेलियाई कप्तान बिल वुडफुल के दिल के पास गेंद लगी थी।

वह एशेज सीरीज इंग्लैंड की टीम 4-1 से जीती थी। लेकिन जार्डीन की इस स्ट्रेटेजी की कड़ी आलोचना हुई। उस सीरीज के बाद ही क्रिकेट में बाउंसर और बॉडीलाइन गेंदबाजी को लेकर नियम बनाए गए।

Monika Srivastava
Monika Srivastava

मीडिया इंडस्ट्री में 10+ वर्षों का अनुभव रखने वाली मोनिका ने प्रिंट और डिजिटल दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम किया है। स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, ट्रेंडिंग क्रिकेट स्टोरीज़, मैच एनालिसिस और रिकॉर्ड्स आधारित कंटेंट उनकी खास पहचान है। वे Dainik Bhaskar के डिजिटल स्पोर्ट्स सेक्शन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहीं, जहां उन्होंने स्पोर्ट्स कंटेंट की ग्रोथ और कंटेंट प्लानिंग में अहम भूमिका निभाई।

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